दिल चाहता है ज़माने से छुपा लूँ तुझको

दिल चाहता है ज़माने से छुपा लूँ तुझको,
दिल की धड़कन की तरह दिल में बसा लूँ तुझ को।
कोई एहसास जुदाई का न रह पाये,
इस तरह खुद में मेरी जान छुपा लूँ तुझको।
तू जो रूठ जाये मुझ से मेरे दिल के मालिक,
सारी दुनिया से खफा हो कर मना लूँ तुझको।
जब मैं देखूं तेरे चेहरे पर उदासी का समा,
बस यह चाहूँ किसी तरह हंसा लूँ तुझको।
तू कभी जब दुनिया से बेज़ार हो जाये,
दिल यह चाहे की बाहों में छुपा लूँ तुझ को !

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