होंठों से जो छू लिया

होंठों से जो छू लिया ,
एहसास अब तक है, आँखे नम हैं ,
और साँसों में आग अब तक है ,
और क्यों न हो “खाई भी तो हरी मिर्ची’ है ..

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तेरी यादों के चिराग अब भी इस दिल में जलते हैं……
सुनो किसी को अकेला कर देने से कोई
तनहा नहीं होता..

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